महामंत्र

॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ❖ ॥ सिद्धपीठ नलखेड़ा, आगर मालवा ॥ ❖ ॥ ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥ ❖ ॥ सर्व बाधा शमन एवं शत्रु विजय महामंत्र ॥ ❖ 

पूज्य पं. भोलाराम शास्त्री जी
अधिकृत पीठाचार्य • नलखेड़ा
दैनिक परामर्श: प्रातः 7:00 AM - रात्रि 10:00 PM
॥ स्वस्ति श्री गणेशाय नमः • अधिकृत पीठाचार्य पुरोहित ॥

पूज्य पं. भोलाराम शास्त्री जी

सुपुत्र: श्रद्धेय श्री किशोर दास जी • भारद्वाज गोत्र • शाक्त आगम परंपरा

माँ बगलामुखी सिद्धपीठ, लखुंदर नदी तट, नलखेड़ा, जिला आगर मालवा (म.प्र.)

पूज्य पं. भोलाराम शास्त्री जी विश्वविख्यात माँ बगलामुखी सिद्धपीठ, नलखेड़ा के अधिकृत, वंशानुगत एवं प्रतिष्ठित मुख्य पीठाचार्य हैं। पूज्य पिता श्री किशोर दास जी के सान्निध्य तथा उज्जैन के वैदिक गुरुकुल में 7 वर्षों के कठोर अध्ययन के उपरांत, वे विगत 8+ वर्षों से सिद्धपीठ की पावन यज्ञवेदी पर माँ पीताम्बरी की नित्य सेवा, त्रिकाल संध्या, सवा लाख महामंत्र जाप एवं दशांश हवन शास्त्र सम्मत विधि से संपन्न करा रहे हैं।

8+ वर्षअनवरत पीठ सेवानलखेड़ा सिद्धपीठ पर नित्य हवन
1,200+सफल महा अनुष्ठानदेश-विदेश के यजमानों के कार्य
7 वर्षगुरुकुल वेद अध्ययनउज्जैन में वेद-कर्मकांड विशारद
100%शास्त्रोक्त विधियजमान नाम-गोत्र संपुट संकल्प
मूल परिचय व पारिवारिक परंपरा

पंडित भोलाराम शास्त्री जी: जीवन परिचय एवं नलखेड़ा से संबंध

पूज्य पं. भोलाराम शास्त्री जी का जन्म पवित्र भारद्वाज गोत्रीय वैदिक ब्राह्मण कुल में हुआ। इनके पूज्य पिता श्रद्धेय श्री किशोर दास जी नलखेड़ा क्षेत्र के परम पूजनीय संत व माँ बगलामुखी के अनन्य सेवक रहे हैं। बाल्यावस्था से ही घर एवं मंदिर में शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों, अखंड अग्निहोत्र और पीताम्बरी साधना का पावन वातावरण मिलने के कारण शास्त्री जी का मन सनातन कर्मकांड, संस्कृत व्याकरण एवं शाक्त आगम के अध्ययन में पूर्णतः रम गया।

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पावन लखुंदर नदी के तट पर स्थित माँ बगलामुखी सिद्धपीठ (नलखेड़ा) विश्व का अद्वितीय शक्तिपीठ है। यह वही पावन स्थली है जहाँ द्वापर युग में महाभारत युद्ध के समय भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर धर्मराज युधिष्ठिर ने पीताम्बरा देवी की कठोर साधना कर विजय का वरदान प्राप्त किया था। इस सिद्ध पीठ पर पूज्य पं. भोलाराम शास्त्री जी वंशानुगत मर्यादा के साथ यजमानों के संकट हरण हेतु निरंतर उपस्थित रहते हैं।

शास्त्र सम्मत गुरुकुल परंपरा

गुरुकुल शिक्षा, विद्या अध्ययन एवं तांत्रिक दीक्षा

महर्षि पराशर वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन (त्रिवेणी घाट, नवग्रह शनि मंदिर के पास, इंदौर रोड) स्थित प्रतिष्ठित गुरुकुल में पूज्य श्री महंत दीपक जी शर्मा के पावन सानिध्य में 7 वर्ष तक आवासीय वैदिक शिक्षा एवं कर्मकांड का गहन अध्ययन संपन्न किया।

वेद संहिता, शाक्त आगम व मंत्र साधना

शुक्ल यजुर्वेद संहिता के सस्वर मंत्र, शाक्त आगम के अंतर्गत माँ बगलामुखी 36 अक्षरी महामंत्र, स्तम्भन विधान, दशांश हवन की औषधीय समिधा गणना, एवं दुर्लभ यज्ञाहुति प्रक्रिया में पूर्ण सिद्धि प्राप्त है।

प्रमुख वैदिक सेवाएँ

पंडित जी द्वारा संपूरित प्रमुख महायज्ञ एवं अनुष्ठान

सिद्धपीठ नलखेड़ा की मुख्य यज्ञवेदी पर यजमान की व्यक्तिगत समस्या, नाम और गोत्र के अनुसार शास्त्रोक्त पद्धति से निम्नलिखित मुख्य अनुष्ठान कराए जाते हैं:

1. महा अनुष्ठान (36K / 51K / 1.25 लाख)

माँ बगलामुखी सवा लाख महामंत्र जाप एवं दशांश हवन

11 से 25 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सस्वर निरंतर महामंत्र जाप, जिसके पश्चात दशांश हवन, पीताम्बरी श्रृंगार, षोडशोपचार पूजन एवं विधिवत पूर्णाहुति संपन्न की जाती है। यह सर्वोच्च कार्य सिद्धि महायज्ञ है।

2. शत्रु शमन व न्यायालयीन विजय

कोर्ट-कचहरी, झूठे मुकदमे एवं विरोधी स्तम्भन पूजा

शत्रुओं की दुर्बुद्धि स्तम्भन, राजनीतिक अवरोध, झूठे मुकदमों से मुक्ति एवं व्यापारिक प्रतिद्वंदियों पर विजय हेतु पीली सरसों, नीम समिधा एवं हल्दी की विशेष आहुतियों द्वारा तीव्र अनुष्ठान किया जाता है।

3. दिव्य औषधीय हवन (21 व 36 जड़ी-बूटी)

दुर्लभ औषधीय समिधा दशांश हवन (विशेष व महाविशेष)

पीली सरसों, गिलोय, गुग्गल, अगर, तगर, अपामार्ग, भोजपत्र, देवदारु, लोबान एवं शुद्ध देसी गाय के घी से निर्मित दिव्य हविष्य द्वारा रोग-शोक, असाध्य संकट व नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश होता है।

4. गृह शांति एवं वास्तु रक्षा

108 द्रव्य गृह शांति, नवग्रह व वास्तुदोष निवारण

यजमान के घर पर अथवा नलखेड़ा पीठ से यजमान के भवन हेतु 108 दिव्य द्रव्यों से हवन संपन्न किया जाता है। यह परिवार में सुख-शांति, कुल रक्षा, व्यापार वृद्धि और वास्तुदोष निवारण हेतु अचूक है।

पारदर्शी कार्यप्रणाली

अनुष्ठान एवं संकल्प की 4-चरणीय प्रामाणिक प्रक्रिया

नलखेड़ा पीठ पर प्रत्येक अनुष्ठान पूर्ण पारदर्शिता और यजमान के कल्याण हेतु इस प्रकार संपन्न किया जाता है:

1

समस्या व अनुष्ठान परामर्श

यजमान WhatsApp या कॉल द्वारा अपनी समस्या, नाम, गोत्र एवं संकल्प विवरण साझा करते हैं। पंडित जी सही मंत्र संख्या व वैदिक हवन विधान निर्धारित करते हैं।

2

व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प

मुख्य पीठ की वेदी पर पंडित जी स्वयं यजमान के नाम, गोत्र, पिता का नाम और विशेष मनोकामना का वेद सम्मत उच्चारण कर संकल्प लेते हैं।

3

लाइव दर्शन एवं हवन

घर बैठे यजमान WhatsApp Video Call या रिकॉर्डेड HD वीडियो द्वारा प्रत्यक्ष संकल्प, मंत्र जाप एवं दशांश हवन के दर्शन कर सकते हैं।

4

अभिमंत्रित प्रसाद प्रेषण

हवन पूर्ण होने पर सिद्ध भस्म, रक्षा सूत्र, पीताम्बरी वस्त्र एवं सिद्ध यंत्र स्पीड पोस्ट द्वारा ट्रैकिंग नंबर सहित घर भेजा जाता है।

पूज्य पंडित जी की वैदिक मर्यादा एवं संकल्प शुचिता

माँ बगलामुखी की साधना अत्यंत संवेदनशील व उग्र मानी जाती है। इसमें किसी भी प्रकार का पाखंड या त्रुटि वर्जित है:

100% प्रामाणिक वैदिक पद्धतिकेवल वेदों और शाक्त ग्रंथों द्वारा मान्य नियमों से ही आहुति प्रदान की जाती है।
पूर्ण गोपनीयतान्यायालयीन मामलों, शत्रु बाधा व व्यक्तिगत समस्याओं की पूर्ण गोपनीयता रखी जाती है।
सीधा आचार्य संवादकोई बिचौलिया या दलाल नहीं; यजमान सीधे पंडित जी से बात कर मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।
सीधा आचार्य परामर्श • सिद्धपीठ नलखेड़ा

अपनी समस्या हेतु पूज्य पंडित जी से मार्गदर्शन लें

कोर्ट-कचहरी वाद-विवाद, शत्रु बाधा, व्यापारिक अवरोध अथवा पारिवारिक शांति हेतु तुरंत फ़ोन या व्हाट्सएप पर संपर्क करें।